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शिवभारतम् • अध्याय 28 • श्लोक 55
अथ पन्थानमाश्रित्रू लोहाड्रेर्दक्षिणोत्तरम्। वीतभीः स वतारेभे सहाशैलावरोहणम्।।
तत्पश्चात् लोहगड़ के दक्षिणोत्तर मार्ग का आश्रय लेकर वह निर्भयता के साथ सह्याद्रि से अवतरण करने लगा।
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