महान् बलवान् एवं पराक्रमी कच्छप एवं चव्हाण, अमरसिंह मित्रसेन एवं उसका भाई, सर्जेराव गाढे, दुर्जेय राजव्याघ्री, जसवंत कोकाटे, महाबाहु जाधव, इन अत्यन्त माननीयों को मैं सेनासहित प्रेषित करूंगा, विरोचन के पीछे से जैसे असु गये थे उसी प्रकार तेरे पीछे से ये आयेंगे।
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