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शिवभारतम् • अध्याय 28 • श्लोक 50
अद्यप्रभूत्यहं वीर भविष्यामि भवद्वशः। अवरुह्य धरं सहां महां देहि महद्यशः ।।
हे वीर! आज से मैं तुम्हारे अधीन हूं। सह्याद्रि से उतरने पर मुझे महान् यश को प्राप्त करा दो।
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