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शिवभारतम् • अध्याय 28 • श्लोक 45
शास्ताखान उवाच - प्रतापी जसवंतस्ते जनकोऽजबडान्वयः । भवानपि नयत्येतद्युद्धेनेव निजं वयः ।॥
शास्ताखान बोला - तेरे पिता अजबड वंश के पराक्रमी जसवंत थे और तू भी अपनी आयु युद्ध में ही व्यतीत कर रहा है।
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