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शिवभारतम् • अध्याय 28 • श्लोक 36
इति ब्रुवाणमुचितं सचिवाः सदसि स्थितम्। नयोपेतं विनयिनो व्याहरन्ति स्म भूपतिम् ।।
इस प्रकार राजा ने सभा में बैठकर उचित एवं राजनीति युक्त भाषण दिया तो विनयशील सचिव बोलें।
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