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शिवभारतम् • अध्याय 28 • श्लोक 32
अर्थादसौ परश्वोच्चैर्लोको लोकस्य निश्चितः । पुमानर्थेनरहितो जीवन्नपि न जीवति ।।
धन से ही लोगों को इहलोक एवं परलोक निश्चितरूप से प्राप्त होता है। धनरहित पुरुष जीवित होते हुए भी जीवित नहीं हैं।
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