तदद्य येदिलाधीनः प्रणालाद्रिर्विधीयताम्। प्रस्थीयतां च भवता कार्यातरमिह स्थितम् ।।
अतः आज पन्हाळ किले को आदिलशाह के अधीन कर दें और तू निकल जा। इधर दुसरे काम उपस्थित हो गये है।
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