तर्हि येन निमित्तेन यथा स निधनं गतः। तथा कथय नः सर्व कवीन्द्रः कुशलो ह्यसि ।।
तब वह किस कारण से एवं किस प्रकार मृत्यु को प्राप्त हो गया वह सब हे कवीन्द्र! हमें बताओं, क्योंकि तुम कुशल हो।
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