तमाकर्त्यापि संदेश कृती कर्णपुराधिपः । अनाकर्णितवच्चक्रे चकितेन स्वचेतसा ।।
उस कर्णपूर के कुशल स्वामी जोहर ने वह संदेश सुनकर भी मन भयत्रस्त होने के कारण अनसुना कर दिया।
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