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शिवभारतम् • अध्याय 27 • श्लोक 36
इत्थं मसूदः स्वं सैन्यं शिवरोषमहार्णवे। समस्तमात्महस्तेन मज्जयित्वा विलज्जितः ॥ परैः प्रथनपारीणैर्जीवन्मुक्तोऽनपेक्षितः। पराचीनोऽभवत्तेभ्यः परं निर्वेदमागतः ॥
इस प्रकार से अपने सम्पूर्ण सैन्य बल को अपने हाथ से शिवाजी के क्रोधरूपी समुद्र में डुबोकर लज्जित हुआ मसूद, युद्धनिपुण शत्रुओं ने उपेक्षा कर जीवित छोड़ दिया एवं उसे अत्यधिक दुःख हुआ एवं अपनों के सामने खड़ा हुआ और वह शत्रुओं से परांगमुख हो गया।
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