निजकार्यान्तरव्यग्रो विशाले च शिल्लोच्चये। स चिरं बत न स्थाता त्वमतस्त्वरितो भव ।।
अपने दूसरे कार्य में व्यस्त होने के कारण वह शिवाजी विशाल किल्ले पर ज्यादा समय नहीं बितायेगा, इसलिए तू शीघ्रता कर।
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