कवीन्द्र उवाच -
शिवः स्वयं प्रणालाद्रेर्यियासुरभवद्यदा। वीराय जोहरायेमं संदेशं व्यसृजत्तदा।।
कवीन्द्र बोलें -
जब शिवाजी ने स्वयं पन्हाळ के किल्ले से जाने की इच्छा की तभी उन्होंने जोहर को इस प्रकार से सन्देश भिजवाया था।
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