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शिवभारतम् • अध्याय 27 • श्लोक 14
अहो रुद्धो विरुद्धो.. यमस्माभिरिह भूधरे। अस्मान् विमापयन्नस्मादकस्मांदद्य निर्गतः ॥
अरे इस किल्ले पर हमारे द्वारा बंदी बनाया हुआ शत्रु चकित करके आज यहाँ से अचानक निकलकर चला गया, इसे क्या बोलें हम।
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