कदंब, केतक, कुंद, कुटज इनके सुगंध से भरे हुए, तेजी से उछल कूदकर बहने वाले झरने के बर्फ के सम्पर्क से मंद, ऐसी वायु ने उस समय वहां पर अनुकूल होकर स्वबान्धव के समान उनकी सहायता की।
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