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शिवभारतम् • अध्याय 26 • श्लोक 48
भग्नाः सेनाधिपतयो नेतृप्रभृतयः किल। नैनं परिधिमेतेषामीषत् क्षपयितुं क्षमाः ।।
नेताजी आदि सेनापतियों का मन परिवर्तित हो गया है, ऐसी लोकचर्चा है और इनकी यह घेराबंदी हमारे द्वारा समाप्त करनी अशक्य है।
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