स युवा पृथुताम्राक्षो वैरिबक्षोविदारणः। अतीव दर्शनीयोऽभूत् दर्शयन्हस्तलाघवम् ।।
बड़े व लाल आखों वाला, शत्रुओं की छाती को फाड़ने वाला, वह युवा अपने हाथों की चपलता को दिखाने वाला, बड़ा ही दर्शनीय लग रहा था।
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