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शिवभारतम् • अध्याय 26 • श्लोक 25
तत्र युद्धान्यजायन्त हिलालस्य परैः सह। शरोत्कृत्तशिरस्कानि कुन्तकृत्तकराणि च।।
वहां पर शत्रु के साथ-साथ हिलाला का भी युद्ध हो गया, उसमें बाण से शिर अलग व भाले से हाथ तोड़ दिये गए।
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