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शिवभारतम् • अध्याय 26 • श्लोक 24
ततस्ते बर्बराः सर्वे गर्वेण महतावृताः। प्रासपाशधनुर्बाणधारिणः प्रौढिकारिणः ॥ तामिमां पर्वतपतेः पृतनां सुप्रधीयसीम्। ऋद्धां रुध्वाध्वनोर्मध्ये प्रत्ययुध्यन्नुदायुधाः ।।
उसके बाद वे बड़े गर्व के साथ, भाला, पाश एवं धनुर्धारी वे सभी शिदी शिवाजी के उस बहुत बड़ी व समृद्ध सेना को मार्ग में ही रोककर शस्त्र फेंककर लड़ने लगी।
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