शुण्डिशुण्डासमुद्धृतधूलिधूसरितध्वजम्। स बाहुजो महाबाहुस्तदुवाह महद्वलम्।।
हाथी के शुंड से उड़ायी हुयी धूल से धूसरित ध्वज को वह सामर्थ्यशाली क्षत्रिय सेना को लेकर चल पड़ा।
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