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शिवभारतम् • अध्याय 26 • श्लोक 21
तरसा तुरगारूढं करवालकरं दृढम् । षड्विधान्यपि सैन्यानि तं महान्वयमन्वयुः ।।
शीघ्रता से घोड़े पर बैठकर हाथ में तलवार लेकर निकले हुए उस ओर कुल के धैर्यशाली सेनापति के पीछे छः प्रकार की सेनाएं भी निकल पड़ी।
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