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शिवभारतम् • अध्याय 25 • श्लोक 8
ततः स जोहरस्तद्वत् फाजिलश्वापि रुस्तुमः । अमी स्वैः स्वैरश्चवारैः सहिताः स‌ङ्गरोद्धराः ।। बडेखानादिभिः पत्तिसेनाधिपतिभिर्वृताः । पूर्वदिग्भागमध्यास्य तं न्यरुन्धन् महीधरम् ।।
उसके बाद वह जोहर, फाजल एवं रुस्तम इन रणधीर सरदारों ने अपने-अपने घुड़सवारों एवं बड़े खानादि और पदाति सैन्यसमूह के सेनापति के साथ, पूर्व की ओर से पन्हाळ के किले को घेर लिया।
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