उसके बाद वह जोहर, फाजल एवं रुस्तम इन रणधीर सरदारों ने अपने-अपने घुड़सवारों एवं बड़े खानादि और पदाति सैन्यसमूह के सेनापति के साथ, पूर्व की ओर से पन्हाळ के किले को घेर लिया।
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