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शिवभारतम् • अध्याय 25 • श्लोक 21
ततः क्षिप्रमुपेतेन क्षुभिताम्भोधिबन्धुना। तेन चक्रेण चकितं चक्रे चक्रावतीतलम् ।।
उसके बाद अशांत समुद्र के समान उस सेना ने शीघ्रता से चाकणप्रान्त को भयभीत किया।
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