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शिवभारतम् • अध्याय 25 • श्लोक 2
सोऽपि सेनापतिर्नेता शिवराजनियोजितः। येदिलस्याशु तद्राष्ट्र वशीचक्रे महायशाः ॥
महाविख्यात उस सेनापति ने शिवराज की आज्ञा पाकर आदिलशाह के उस प्रदेश को हां हां बोलते हुए कब्जे में कर लिया।
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