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शिवभारतम् • अध्याय 25 • श्लोक 19
निर्धार्यः स ततः शास्ताखानः शास्ता चमूभृताम्। सहसैः सप्तसप्तत्या तुरगैः परिवारितः ।। गम्भीरवेदिभिर्भद्रकारीभिर्गिरिसन्निभैः । तथा बकसरैरग्रसरैः पत्तिवरैर्वतः ॥ सन्नद्धः सहितस्तैस्तैर्विविधैर्युद्धसाधनैः । प्रपेदे सरितं भीमां सीमां विद्वेषिनीवृतः ॥
उसके बाद दृढ शासक, सेनापति शाएस्ताखान सतत्तर हजार घुड़सवार, पर्वत के समान भद्र जाती के मदमस्त हाथी, बक्सर जाती के उत्तम प्रमुख पदाति सैनिकों के साथ सभी प्रकार की युद्धसामग्री के साथ सज्ज हतोत्साहित शत्रु के प्रदेश की सीमा भीमा नदी के समीप पहुंच गया।
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