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शिवभारतम् • अध्याय 24 • श्लोक 58
स्वं शस्त्रं विजहति रुस्तुमे वियाते संग्रामात् सपदि च फाजिलेऽपयाते। सादातप्रमुखमनीकमव्यवस्थं वातारं कमपि निजस्य नाध्यगच्छत् ॥
रुस्तम द्वारा सहसा पलायन करने पर अव्यवस्थित हुए सादात प्रमुख की सेना को अपना रक्षण करने वाला कोई प्राप्त नहीं हुआ।
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