सोत्साहं प्रधनमपरो महोग्रकर्मा विक्रम्यामृणदहितान् स हीरवर्मा। क्रोधाग्निप्रस्मरधूमधूम्रधामा I कांश्चित्तानथ हतवान् हिलालनामा ॥
उग्रकर्मा युद्धोत्सुक हीरवर्मा ने उत्साह से आक्रमण करके शत्रु को तहस-नहस कर दिया। क्रोधग्नि से फैलने वाले धुंए ने जिसकी कांति को धूसरित कर दिया है ऐसे हिलाल ने कुछ योद्धाओं को मार दिया।
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