मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिवभारतम् • अध्याय 24 • श्लोक 49
संग्रामांगणभुवि भूरिकीर्तिपुष्पाण्यादातुं सपदि धनुर्लता विकृष्य । ते शूराः करकलया शिलीमुखानां संदोहं द्रुतमुपातयन् परेषु ॥
रणभूमि पर अनेक कीर्तिरूपी फूलों को तोडने के लिए धनुष रूपी लता को तत्काल खींचकर उन वीरों ने हस्तकौशल से बाणरूपी भ्रमरों के समूह को शत्रु पर वेग से उड़ा दिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें