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शिवभारतम् • अध्याय 24 • श्लोक 44
ते ततोऽत्यर्थमुद्दले स्वनन्त्यो भूशभीषणे । पूर्वापरार्णवनिभे पृतने समसज्जताम् ॥
तत्पश्चात् मर्यादा का उल्लंघन करने वाली, गर्जना करने वाली, अत्यंत भयंकरे, पूर्व एवं पश्चिम समुद्र की तरह वह सेना आपस में भिड़ गई।
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