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शिवभारतम् • अध्याय 24 • श्लोक 36
तदानीमेव भूपालः शिवोऽपि निजवाहिनीम् । व्यूहयन्नभितो योधानवोचदुचितं वचः ॥
उसी समय शिवाजी राजा ने भी अपनी सेना की व्यूह रचना करते हुए याद्धाओं को समयोचित भाषण दिया।
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