इत्युक्तास्तेन ते सर्वे यथास्थानमवस्थिताः । पालयामासुरव्यग्राः समग्रामपि वाहिनीम् ॥
इस प्रकार उनको उसके बताने पर वे सब अपने-अपने स्थान पर स्थित होकर समग्र सेना की मग्न होकर रक्षा करने लगे।
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