मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिवभारतम् • अध्याय 24 • श्लोक 30
तदद्धास्माकमप्येते यूथनाथाः समन्ततः । संव्युह्य वाहिनीं स्वां स्वां तिष्ठन्तु मृधमुर्धानि ॥
अतः वास्तव में हमारे सेनानायक को भी चारों ओर से अपने-अपने सेना की व्यवस्थित व्यू रचना करके युद्ध के अग्रभग में खड़े रहना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें