मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिवभारतम् • अध्याय 24 • श्लोक 28
महसां राशिरिंगालो हीरवर्मा महाभुजः । तथा व्याघ्रो भीमनामा प्रवारः सिद्धजित् तथा ॥ गोदो नाम महावीरो जगत्स्थापकवंशजः । तथा परशुरामोऽपि महाद्रिककुलोद्भवः ॥ अपरेऽपि महानीकनाथाः प्रथनपारगाः । शिवराजस्याभिसराः प्रसरन्ति पुरः पुरः ॥
तेजस्वी महाबाहु हिराजी इंगके, भीमाजी वाघ, सिधोजी पंवार, महावीर गोदाजी जगताप, मानो दूसरा परशुराम ही हो ऐसा महाडिक, उसी प्रकार दूसरे युद्धनिपुण बड़े-बड़े सेनानायक तथा शिवाजी राजा के सहायक आगे चलकर आ रहे हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें