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शिवभारतम् • अध्याय 24 • श्लोक 21
पश्यत प्रसभं व्यूढां प्रतिपक्षचमूमिमाम् । सन्नाहिनीं महोत्साहां धीरामुल्लसितध्वजाम् ॥
रुस्तुम बोला शस्त्र अस्त्रों से सज्जा कठिन कार्यों को करने वाली अत्यंत उत्साही धैर्यवान चमकदार तेजस्वी भजो से युक्त तथा सुदृढ़ व्यूह रचना से युक्त इस शत्रु सेना को देखो।
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