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शिवभारतम् • अध्याय 24 • श्लोक 16
तमद्रिम द्विपतिना शिवेन स्ववशीकृतम् । अल्लीशाहोऽन्वहं चित्त चिंतया पर्यतप्यत ॥
किले के स्वामी शिवाजी ने उसके किले को अधीन कर लिया है ऐसा सुनकर आदिल साहब प्रतिदिन चिंता से मन में संतप्त हो रहा है।
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