ते तदायोधनात् तस्मान्निधनाभावकांक्षया । सहसा विमुखीभूता मुसेखानपुरोगमाः ॥ हीनाः स्वीयेन सैन्येन हीणाश्वाफजलं विना । किमकुर्वत कि मत्वा गत्वा विजयपत्तनम् ॥
पंडित बोले - तब मृत्यु से रक्षण हो जाए इस इच्छा से उस युद्ध से सहरसा पलायन करके सेना रहित एवं अफजल खान के न होने से लाज ऐसे उस मुसेखान प्रवृत्ति सेनापतियों ने बीजापुर जाकर क्या विचार किया और क्या किया?
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