यवनोऽफजलो नाम दानवो दुरतिक्रमः । जयवल्लीमिमामेति ससैन्यः सन्धिकाम्यया ॥
अफजलखान नामक दुर्जेय यवन राक्षस सेना के साथ संधि करने की इच्छा से जयवल्ली आ रहा है।
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