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शिवभारतम् • अध्याय 23 • श्लोक 45
उत्पत्य तत्रापततां समन्तात् तार्यक्रमाणां शिवसैनिकानाम् । क्रूरैः कृपाणैर्निशितैश्च बाणैः प्राणैर्व्ययुज्यन्त बत प्रतीपाः ॥
चारों ओर से उछलकर आक्रमण करने वाले एवं गरुड़ की तरह वेगवान शिव सैनिकों के भयंकर तलवारों ने एवं तीक्ष्णबाणों ने शत्रु के प्राण हरण कर लियें।
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