ते शस्त्रवर्षेः सोत्कर्षः पृथुवर्त्मभिरश्मभिः । परानवाकिरन्नुग्रतरैरुल्काशरैरपि ॥
उन्होंने असंख्य शस्त्रों की, प्रचंड पत्थरों की एवं भयंकर उल्का बाणों की शत्रुओं पर वर्षा कर दी।
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