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शिवभारतम् • अध्याय 23 • श्लोक 39
परिमण्डलितं वीक्ष्य शैल शैलाधिवासिनः । क्षिप्रं वप्रमुपाश्लिष्य जगर्जुर्जलदा इव ॥
किले को घेरा हुआ देखकर दुर्गवासी लोग शीघ्र तट पर चढ़कर मेघ की तरह गर्जना करने लगे।
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