ततो न्यस्य यथान्यासं परितः स्वां पताकिनीम् । सहसा स महीपालः प्रणालं शैलमावृणोत् ॥
फिर अपने सेना के पास उनको व्यवस्थित रखकर उस राजा ने अचानक पन्हाळ के किले को घेर लिया।
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