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शिवभारतम् • अध्याय 23 • श्लोक 31
अथ स्वेन प्रभावेण कृष्णातटमकण्टकम् । कृतं व्यलोकत मुदा मोदितो मुदितैर्द्विजैः ॥
तब अपने प्रभाव से कृष्णा के तट को निष्कंटक देखकर एवं ब्राह्मणों को आनन्दित देखकर उसको आनन्द हुआ।
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