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शिवभारतम् • अध्याय 23 • श्लोक 3
मनीषिणः उचु:- अल्लीशाहस्य तां सेनां सहितः पत्तिसेनया । जयवल्लीवनाम्भोधी न्यमज्जयदयं शिवः ॥ तावत्सेनापतिस्तस्य सहितः सप्तिसेनया। क्व नु स्थितों किमकरोत् कवींद्र तदुदीरय ॥
पण्डित बोले - पदातियों से युक्त इस शिवाजी राजा ने अल्लीशाह की सेना को जयवल्ली के अरण्यरूपी सागर में डुबों दिया तब तक उसका सेनापति घुड़सवारों के साथ कहां पर था? उसने क्या किया? हे कवीन्द्र बताओ।
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