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शिवभारतम् • अध्याय 23 • श्लोक 29
अनुदुत्यापि नाद्राक्षीद्यदा तान् द्रुतविदुतान् । तदा सेनापतिर्नेता पुनर्वैराटमागमत् ॥
वेग से पलायन करते हुए उसका पीछा करने पर भी जब उनको वह नहीं दिखा तो सेनापति पालकर पुनः वाई गया।
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