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शिवभारतम् • अध्याय 23 • श्लोक 17
मुसेखानच हसनो याकुतक्षांकुशस्तथा । नासहन्त परे तत्र परैः कृतमतिक्रमम् ॥
मुसेखान, हसन, याकुत और अंकुश इनको शत्रुओं द्वारा किया हुआ अपमान सहन नहीं हुआ।
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