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शिवभारतम् • अध्याय 23 • श्लोक 11
भवेदहन्यथो यस्मिन् मम तस्य च दर्शनम् । तस्मिन्नैवान्तिके कुर्यास्त्वं वैराटमसंशयम् ॥
और जिस दिन उसकी और मेरी मुलाकात होगी, उस दिन तू वाई निःसंशय होकर जा।
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