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शिवभारतम् • अध्याय 22 • श्लोक 5
तातस्याफजलस्यैतत् पतनं नभसो यथा। श्रुत्वा ध्वस्तधियस्तत्र मुमुहुस्तनयाखयः ॥
आकाश के गिरने के समान पिता अफजलखान को मरा हुआ जानकर उसके तीनों पुत्र की बुद्धि के नष्ट हो जाने से वे विचलित हो गये थे।
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