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शिवभारतम् • अध्याय 22 • श्लोक 34
मतङ्गजवदुन्मत्तो राजजिन्नाम घाण्टिकः । शिवसैन्यवशं यातो बत बन्धमुपाददे ॥
हाथी के समान मदमस्त राजाजी घाटगे यह शिवाजी की सेना के अधीन होकर कैद हो गया।
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