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शिवभारतम् • अध्याय 22 • श्लोक 27
परितः पातितोदग्रतरवारितडिल्लताः । प्रावेपर्यन्त यवनान् घनाः शिवपदातयः ॥
शिवाजी के पदातिरूपी बादल से भयंकर तलवाररूपी बिजलियों के चारों ओर से गिरने के कारण यवन कंपित हो गए।
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