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शिवभारतम् • अध्याय 22 • श्लोक 25
गुळिकायन्त्रनिर्मुक्तगुळिकाविद्धवक्षसः । केचिद्धतधनुर्जीवा अपि निर्जीवतां दधुः ॥
तोप से निकले हुए गोले से विदीर्ण छाती वाले कुछ वीर धनुष की प्रत्यंचा को हाथ में पकड़कर ही मृत्यु को प्राप्त हो गए।
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