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शिवभारतम् • अध्याय 22 • श्लोक 16
अथ प्रतिभटान् वीक्ष्य संरब्धैरश्वसादिभिः । अप्यश्मवत्मसु रयात् पुरो नुनुदिरे हयाः ॥
तब शत्रु योद्धाओं को देखकर विचलित घुड़सवारों ने अपने घोड़ों को पत्थरों से युक्त मार्ग के ऊपर से भी वेग से आगे ले गयें।
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